:- रवि शंकर अमित!
– मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में राजकीय समारोह में शामिल होने के लिए शनिवार को बख्तियारपुर पहुंचे। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी और अपने पिता कविराज रामलखन सिंह और शीलभद्र याजी, डूमर सिंह, मोगल सिंह और नाथुना सिंह यादव की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। उनके साथ बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी, पटना डीएम त्यागराजन एसएम समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री के बख्तियारपुर पहुंचने के बाद आम लोग और पत्रकार को कार्यक्रम से दूर रखा गया। यहां तक कि स्वतंत्रता सेनानी डूमर सिंह के परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें भी कभी कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई। इस बार उनकी पुत्रवधू समेत परिवार के कई लोग अपने दादा के राजकीय सम्मान में पहुंचे थे, लेकिन मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात भी नहीं हो सकी। शहीद डूमर सिंह के परिजन अपने दादा के राजकीय सम्मान समारोह में अपनी उपेक्षा से नाराज दिखे। वहीं अररिया के स्वतंत्रता सेनानी जगदीश सिंह के पौत्र ने कहा कि बिहार में कई स्वतंत्रता सेनानी हैं, लेकिन सिर्फ बख्तियारपुर के पांच स्वतंत्रता सेनानियों को ही राजकीय सम्मान दिया जाता है। बाकी स्वतंत्रता सेनानियों को राजकीय सम्मान से वंचित कर उनकी उपेक्षा की जाती है। ये सभी स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है। स्वतंत्रता सेनानी शील भद्र याज्जी के पुत्र सच्चिदानंद याज्जी ने कहा कि मुख्यमंत्री हर साल बख्तियारपुर के स्वतंत्रता सेनानियों को राजकीय सम्मान देने के लिए आते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार माल्यार्पण के बाद तुरंत समृद्धि यात्रा पर पूर्वी चंपारण के लिए रवाना हो गए।
बाइट- शहीद के परिजन




