रिपोर्ट- विष्णु कुमार
सुपौल में रौद्र हुई कोसी; 1000 घरों में घुसा पानी : देर रात तक ऊंचे स्थान पहुंचे लोग, कई जगहों पर खोले गए कम्यूनिटी किचेन
पड़ोसी देश नेपाल व सीमावर्ती इलाके में हुई मूसलाधार बारिश की वजह से सुपौल में कोसी नदी रौद्र हो गई है। इसके अतिरिक्त तिलयुगा व बिहुल समेत कई नदियां भी उफान पर है। सुपौल जिले के छह प्रखंड क्रमशः बसंतपुर, निर्मली, सरायगढ़-भपटियाही, किशनपुर, मरौना व सुपौल सदर प्रखंड बाढ़ की चपेट में है। इन प्रखंडों में तटबंध के भीतर लगभग एक हजार से अधिक घरों में बाढ़ का पानी घुस गया।
बाढ़ को लेकर डीएम सावन कुमार के नेतृत्व में जिला प्रशासन अलर्ट और सक्रिय है। बाढ़ग्रस्त इलाके में कई जगहों पर पीड़ित परिवारों के लिए कम्यूनिटी किचेन खोले गए है। देर रात तक लोग ऊंचे स्थान तक पहुंचे। दरअसल डीएम के निर्देश पर रविवार की सुबह से ही बाढ़ प्रभावित अंचल इलाके में एसडीएम व सीओ के द्वारा माइकिंग के जरिए लोगों को तटबंध के भीतर से ऊंचे स्थान पर आने की अपील की गई। इसका असर देर रात लगभग 11 बजे तक देखने को मिला।
इधर, डीएम सावन कुमार, एसपी शरथ आरएस ने विभिन्न जगहों पर कम्यूनिटी किचेन का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने बाढ़ से विस्थापित परिवारों के लिए बनाए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छ पेयजल, रात्रि प्रकाश सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। कम्यूनिटी किचेन खुलने से विस्थापित परिवारों ने राहत की सांस ली है, लेकिन बाढ़ की चपेट में घर आने की वजह से उनकी परेशानी बढ़ गई है।
बता दें कि कोसी बराज से रविवार को बढ़ते क्रम में सर्वाधिक 5 लाख 33 हजार से अधिक क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ। हालांकि उसके बाद से कोसी के जलस्तर में कमी दर्ज हो रही है। लेकिन नेपाल में एक बार फिर से बारिश ने लोगों की चिंता बढा दी है। वहीं, डीएम का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। जिला प्रशासन आपदा से निबटने के लिए तौयार है।




