:- रवि शंकर अमित/गोविंद कुमार!
बाढ़ अनुमंडल के अथमलगोला प्रखंड अंतर्गत गंजपर गांव की एक महिला श्रद्धालु चार दिनों से लोहे की कील का सय्या बनाकर नोक पर लेटी है। अपने शरीर पर कलश रखकर चार दिनों से बिना अन्न जल के रहने को लोग माता का आशीर्वाद मान रहे हैं। आस पास के कई गांव के लोग महिला की सेवा में दिन रात लगे रहते हैं। महिलाएं गर्मी में पंखा झेलती रहती हैं और उनका पैर दबाती हैं। मनीषा देवी लोगों से चिलम की मांग करती हैं और एक चिलमबाज की तरह नशा भी करती हैं। ग्रामीण बताते हैं कि इससे पहले उन्होंने कभी कोई नशा नहीं किया था। नवरात्र शुरू होने से पहले उन्होंने अपने लिए कील का बिस्तर बनवाया था। जब ग्रामीणों ने दुर्गा स्थान पर कलश लेकर लेटने से मना कर दिया, तो वे सड़क किनारे अपने शरीर पर कलश स्थापित कर लेट गई। ग्रामीण बताते हैं कि उन्हें मां दुर्गा का आशीर्वाद मिला हुआ है। दिन में कई बार अलग-अलग देवता उनके शरीर पर आते हैं। महादेव शंकर के आने पर वह किसी चिलमबाज की तरह चिलम की भी मांग करती है। चिलम देने में देर होने पर वह अपने भक्तों पर नाराज हो जाती है। नवरात्रि में 9 दिनों तक वह बिना अन्न जल के कील के बिस्तर पर ही लेटी रहेगी।
उनके भाई कल्लू कुमार ने कहा कि वह आमतौर पर गांजा नहीं पीती है लेकिन अभी वह गांजा मांगती है और पीती है पहले उनका कई स्थानों पर झाड़ फूक भी करवा चुके है।




