भाजपा विधि प्रकोष्ठ बिहार द्वारा प्रबुद्ध संवाद का आयोजन!

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:- रवि शंकर अमित!

बिहार बार काउंसिल भवन स्थित ब्रजकिशोर मेमोरियल सभागार मे भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ बिहार द्वारा प्रबुद्ध संवाद का आयोजन किया गया इस संवाद का मुख्य विषय “राजनीतिक सुचिता एवं प्रस्तावित संविधान संशोधन” रहा ।

प्रदेश संयोजक विंध्याचल राय ने कहा कि “यह विधेयक पारदर्शिता और नैतिकता स्थापित करने का प्रयास है ताकि लोकतंत्र की मजबूती हो । हमें अपने नैतिक मूल्यों के स्तर को नीचे नहीं गिरने देना चाहिए । भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ का दायित्व है कि वह समाज को न्याय दिलाने के साथ-साथ लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा भी करे । ”

असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल के.एन. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “किसी प्रधानमंत्री, मंत्री और मुख्यमंत्री का जेल से सरकार चलाना देश के लोकतंत्र के लिए अपमानजनक है । इस संविधान संशोधन में यह प्रावधान किया गया है कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, भारत सरकार के मंत्री या राज्य सरकार के मंत्री किसी भी गंभीर आरोप में अगर गिरफ्तार होते हैं और 30 दिन तक उन्हें ज़मानत नहीं मिलती है तो उन्हें उनके पद से मुक्त कर दिया जाएगा । ”

बिहार स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष रमाकांत शर्मा ने कहा कि “संवैधानिक दायरे में किसी बिल के खिलाफ विचार व्यक्त करने और उसके खिलाफ वोट का अधिकार है, लेकिन सदन न चलने देने की मानसिकता सही नहीं है । लोकतंत्र की मजबूती के लिए सकारात्मक विमर्श आवश्यक है । ”

वरीय अधिवक्ता हरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि “हमें अपने नैतिक मूल्यों को सर्वोपरि रखना होगा । राजनीति में सुचिता और पारदर्शिता लोकतंत्र की आत्मा है और यह अधिवक्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे समाज में इस जागरूकता को फैलाएँ ।

संविधान संशोधन पर विमर्श

संवाद में यह मत व्यक्त किया गया कि 130वाँ संविधान संशोधन लोकतंत्र की गरिमा को और ऊँचा उठाने वाला कदम है । इसमें यह प्रावधान किया गया है कि गंभीर आरोपों में जेल जाने और 30 दिन तक ज़मानत न मिलने की स्थिति में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री अपने पद पर बने नहीं रह सकेंगे । इससे शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी ।

यह भी कहा गया कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है कि सार्वजनिक जीवन में आचरण की शुचिता बनी रहे । इस संशोधन से राजनीति में आपराधिकरण पर रोक लगेगी और जनप्रतिनिधियों की छवि जनता के बीच और अधिक विश्वसनीय बनेगी ।

लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर

संवाद में यह भी कहा गया कि भारतीय लोकतंत्र की सफलता केवल चुनावों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात पर भी निर्भर करती है कि शासन करने वाले लोग कितनी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं । राजनीतिक शुचिता केवल एक आदर्श नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा है । जब नेतृत्व स्वच्छ और निष्ठावान होगा, तभी जनता का विश्वास सुदृढ़ होगा और देश विकास की नई ऊँचाइयों तक पहुँच सकेगा ।

अधिवक्ताओं की सामाजिक जिम्मेदारी

अधिवक्ताओं से अपेक्षा की गई कि वे केवल न्यायालयों तक ही अपनी भूमिका सीमित न रखें, बल्कि समाज के बीच जाकर भी न्याय और नैतिकता की अलख जगाएँ । विधि प्रकोष्ठ का उद्देश्य है कि अधिवक्ता समाज में विधिक जागरूकता फैलाएँ, युवाओं को संविधान के प्रति संवेदनशील बनाएँ और लोकतंत्र की मूल भावना को जन-जन तक पहुँचाएँ । इस दिशा में उनकी सक्रिय भागीदारी ही संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती प्रदान करेगी ।
अधिवक्ताओं का संकल्प

संवाद में उपस्थित अधिवक्ताओं ने संकल्प व्यक्त किया कि वे भाजपा विधि प्रकोष्ठ के माध्यम से संगठन को मजबूत करेंगे और समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाने के लक्ष्य में योगदान देंगे ।

कार्यक्रम का संचालन विधि प्रकोष्ठ के सह संयोजक मनोज कुमार सिंह ने किया इस दौरान प्रदेश संयोजक विंध्याचल राय,भारत सरकार के असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल के.एन सिंह,बिहार स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष रमाकांत शर्मा,प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी अवधेश पांडे, वरीय अधिवक्ता हरेंद्र प्रताप सिंह,सह संयोजक पूनम कुमारी सिंह, संजय कुमार राम,राकेश प्रताप, कौटिल्य कुमार एवं चुनाव आयोग एवं प्रबंधन विभाग के संयोजक राकेश कुमार,मीडिया प्रभारी विभूति कुमार सहित सैकड़ों अधिवक्ता उपस्थित रहे।

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