अहिंसा के पुरोधा भगवान महावीर जयंती पर विशेष आलेख!

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प्रस्तुति अनमोल कुमार

जैन पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान महावीर का जन्म जैन ग्रंथों और धार्मिक लिपि के मुताबिक चैत्र माह के शुक्ल पक्ष में बिहार के कुंडल ग्राम में हुआ था, जो वैशाली राजधानी के रूप में जाना जाता था, जबकि दिगम्बर जैन 615 ईसा पूर्व को उनका जन्म बर्ष माना जाता है।
उनके पिता राजा सिद्धार्थ और माता रानी त्रिशला थे ।विद्वान भविष्यवक्ताओं के अनुसार यह बालक राजा और बाद में ऋषि तीर्थंकर बनकर शान्ति सद्भावना और अहिंसा के लिए धर्म प्रचारक बनेगें। 30 बर्ष के उम्र में ही इन्होंने राजसिंहासन छोड़कर 12 बर्षो तक तपस्वी के रूप में निर्वाहन किया और अहिंसा का संदेश दिया। इन्द्रियों को निर्वाध रूप से अपने वश में करने के कारण इनका नाम महावीर पडा़। 72 बर्ष की आयु में इनकी मृत्यु हो गया।
जैनधर्मालम्बी द्वारा इनके जन्म दिवस पर इनके प्रतिमा को सुगंधित तेल से स्नान कराकर पुष्प अर्पित कर पूजा अर्चना की जाती है। इसदिन पशु वध वर्जित रहता है। रथयात्रा के दौरान रथ पर भगवान महावीर की प्रतिमा सजा कर शहर में भ्रमण कराया जाता है।
प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में मधुबन ( झारखंड), गिरनार जी ( गुजरात), गोमतेश्वर ( कर्नाटक), मंगी चुंगी (महाराष्ट्र), गनपंथा ( महाराष्ट्र) है।

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