रिपोर्टर — राजीव कुमार झा!
मधुबनी जिले के बेनीपट्टी व्यवहार न्यायालय मे न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी मोहम्मद शुऐब की अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसला का सुनवाई करते हुए बिमलेश कुमार झा को भारतीय दंड संहिता की धारा 279 और 304-A के तहत दोषी ठहराया है।आभियोजन पदाधिकारी दिव्यांश पाण्डेय ने अदालत में मजबूत पांच साक्ष्य के साथ दलीलें प्रस्तुत कर न्यायालय के कार्य मे सहयोग किया। बताते चले की मामला 30 अप्रैल 2021 को हुई एक सरक दुर्घटना से जुड़ा हुआ है,जब आरोपी अपनी होंडा शाइन बाइक चला रहे थे और हरलाखी थाना अंतर्गत कसेरा नहर के पास उन्होंने लापरवाहीपूर्वक एक अन्य बाइक को टक्कर मार दी,जिस बाइक पर मोहम्मद कलाम रईन और उनके भाई मोहम्मद सलाम रईन सवार थे। इस हादसे में मोहम्मद सलाम रईन की मौत हो गई, जबकि कलाम रईन घायल हो गए थे। अदालत ने सुनवाई के दौरान आरोपी को लापरवाही और तेज रफ्तार वाहन चलाने के पर्याप्त साक्ष्य पाए। हालांकि, पीड़ित पक्ष और आरोपी के बीच मामले को लेकर अदालत के बाहर समझौता हुआ था, लेकिन न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि धारा 279 और 304-A के तहत दर्ज मामले सुलहनीय योग्य नहीं होते हैं और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े होते हैं। माननीय न्यायालय के द्वारा दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, न्यायाधीश ने विमलेश कुमार झा को धारा 304-A के तहत दो साल की साधारण कैद और ₹500 का जुर्माना लगाया है। जुर्माना की राशि नहीं भरने पर तीन महीने की अतिरिक्त कैद का प्रावधान किया गया। इसके अलावा,धारा 279 के तहत तीन महीने की कैद और ₹500 का जुर्माना भी लगाया गया।
यह फैसला न्यायपालिका की सड़क सुरक्षा और जिम्मेदारी को लेकर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। न्यायालय के फैसले से स्पष्ट होता है कि लापरवाही भरें वाहन चलाने से होने वाली मौत को अनदेखा नहीं किया जाएगा। उक्त जानकारी अभियोजन पदाधिकारी दिव्यांश पांडेय ने दी है।




