रिपोर्ट– मुकेश कुमार
विशौल से कामलावरपट्टी जानेवाली सड़क में तीन इंच मोटी ढलाई से ग्रामीणों का फूटा गुस्सामधुबनी जिले के हरलाखी प्रखण्ड अन्तर्गत विशौल गांव से कामलावरपट्टी गांव को जोड़ने वाली मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना से निर्माण कार्य मे बरती जा रही घोर अनियमितता के खिलाफ ग्रामीणों ने रोषपूर्ण प्रदर्शन किया है। वैसे तो मधुबनी जिले में बनने वाली लगभग सरक निर्माण के साथ ही टूटने लगती है। जिले में हर छोटी बड़ी सरको का हाल बनने के साथ ही अपने निर्माण की कहानी बयां करती दिखाई देने लगती है। लेकिन विभागीय पदाधिकारी से मेल कर संवेदकों के मनमानी का आलम ये है कि लगातार गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ करने का वे रोक टोक सिलसिला जारी है। ऐसे में हरलाखी प्रखंड के कमलावरपट्टी गांव को जोड़ने वाली सरक में बरती जा रही अन्यमित्ता लोगों को नागवार गुजरी और आक्रोशित लोगों का ग़ुस्सा फूट पड़ा। लोग आक्रोशित हो प्रर्दशन करने लगे। इन आक्रोशित लोगों में बेचन दास, अरुण पांडेय, सरोज साह, दुखी साह, हरेराम साह, भुला दास, रामदेव सहनी, श्रीचन साह, महेंदर मंडल, राम शोभित मंडल, राम प्रसाद मंडल, विजय साह सहित अन्य दर्जनों का आरोप है कि सड़क का शिलान्यास 22 नवंबर को हुई। जिसके बाद संबंधित संवेदक के द्वारा निर्माण कार्य शुरू कराया गया। लेकिन सड़क निर्माण में घटिया सामग्रियों का उपयोग किया जा रहा है। कामलावरपट्टी गांव से शुरू निर्माण कार्य पीसीसी ढलाई साढ़े तीन इंच किया जा रहा है। जिससे सड़क दो से ढाई वर्षों में ही टूटकर पुनः जर्जर हो जाएगा। पूर्व से जर्जर सड़क पर पानी का छिड़काव भी नही किया जाता है। वहीं निर्माण कार्य कर रहे संवेदक के द्वारा मेटेरियल का मात्रा भी सही से नही इस्तेमाल किया जा रहा है। सड़क निर्माण स्थल पर कही भी मानक बोर्ड नही लगाया गया है। जिससे संवेदक का नाम और कार्य में लागत प्राक्कलन की राशि एवं अन्य आवश्यक जानकारी को छुपाया जा रहा है। कार्य स्थल पर संवेदक के द्वारा मुंसी के भरोसे निर्माण कार्य को छोड़ दिया गया है। स्थानीय लोगों द्वारा शिकायत के बावजूद संवेदक वार्ता के लिए नही आ रहे है। वही मनमाने रुप से उक्त सरक की कार्य को कराया जा रहा है। वही स्थानीय लोगों का कहना है की यदि सड़क निर्माण में अनियमितता जारी रही तो निर्माण कार्य को रोककर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
मधुबनी जिले के हरलाखी प्रखण्ड अन्तर्गत विशौल गांव से कामलावरपट्टी गांव को जोड़ने वाली मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना से निर्माण कार्य मे बरती जा रही घोर अनियमितता के खिलाफ ग्रामीणों ने रोषपूर्ण प्रदर्शन किया है। वैसे तो मधुबनी जिले में बनने वाली लगभग सरक निर्माण के साथ ही टूटने लगती है। जिले में हर छोटी बड़ी सरको का हाल बनने के साथ ही अपने निर्माण की कहानी बयां करती दिखाई देने लगती है। लेकिन विभागीय पदाधिकारी से मेल कर संवेदकों के मनमानी का आलम ये है कि लगातार गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ करने का वे रोक टोक सिलसिला जारी है। ऐसे में हरलाखी प्रखंड के कमलावरपट्टी गांव को जोड़ने वाली सरक में बरती जा रही अन्यमित्ता लोगों को नागवार गुजरी और आक्रोशित लोगों का ग़ुस्सा फूट पड़ा। लोग आक्रोशित हो प्रर्दशन करने लगे। इन आक्रोशित लोगों में बेचन दास, अरुण पांडेय, सरोज साह, दुखी साह, हरेराम साह, भुला दास, रामदेव सहनी, श्रीचन साह, महेंदर मंडल, राम शोभित मंडल, राम प्रसाद मंडल, विजय साह सहित अन्य दर्जनों का आरोप है कि सड़क का शिलान्यास 22 नवंबर को हुई। जिसके बाद संबंधित संवेदक के द्वारा निर्माण कार्य शुरू कराया गया। लेकिन सड़क निर्माण में घटिया सामग्रियों का उपयोग किया जा रहा है। कामलावरपट्टी गांव से शुरू निर्माण कार्य पीसीसी ढलाई साढ़े तीन इंच किया जा रहा है। जिससे सड़क दो से ढाई वर्षों में ही टूटकर पुनः जर्जर हो जाएगा। पूर्व से जर्जर सड़क पर पानी का छिड़काव भी नही किया जाता है। वहीं निर्माण कार्य कर रहे संवेदक के द्वारा मेटेरियल का मात्रा भी सही से नही इस्तेमाल किया जा रहा है। सड़क निर्माण स्थल पर कही भी मानक बोर्ड नही लगाया गया है। जिससे संवेदक का नाम और कार्य में लागत प्राक्कलन की राशि एवं अन्य आवश्यक जानकारी को छुपाया जा रहा है। कार्य स्थल पर संवेदक के द्वारा मुंसी के भरोसे निर्माण कार्य को छोड़ दिया गया है। स्थानीय लोगों द्वारा शिकायत के बावजूद संवेदक वार्ता के लिए नही आ रहे है। वही मनमाने रुप से उक्त सरक की कार्य को कराया जा रहा है। वही स्थानीय लोगों का कहना है की यदि सड़क निर्माण में अनियमितता जारी रही तो निर्माण कार्य को रोककर उग्र आंदोलन किया जाएगा।




