:- रवि शंकर अमित!
पटना, बिहार भाजपा केप्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने प्रशांत किशोर की नई पार्टी ‘जन सुराज’ को आड़े हाथों लेते हुए इसे राजनीतिक व्यावसायिकता का नया रूप करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर का राजनीतिक सफर स्वार्थ और व्यावसायिक हितों पर आधारित है और ‘जन सुराज’ पार्टी झूठ और भ्रम का एक और प्रयास मात्र है।
- राजनीति या व्यापार?
प्रशांत किशोर ने राजनीतिक सलाहकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी, लेकिन अब उनकी नई पार्टी ‘जन सुराज’ केवल एक व्यावसायिक उपक्रम बनकर रह गई है। भाजपा ने सवाल उठाया कि क्या प्रशांत किशोर वास्तव में जनता की सेवा कर रहे हैं या केवल अपनी व्यावसायिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं? - वादा बनाम असलियत
प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि प्रशांत किशोर ने कई राजनीतिक दलों के लिए चुनावी रणनीतियाँ बनाई हैं, लेकिन उनके द्वारा किए गए वादों की वास्तविकता हमेशा भिन्न रही है। उन्होंने पूछा, “क्या वे अपने नए राजनीतिक वादों को भी उसी तरह भूल जाएंगे, जैसे पहले के कई दलों के साथ किया?” - परिवर्तन के नाम पर भ्रम:-
‘जन सुराज’ का गठन केवल एक नए ब्रांड के तहत पुराने राजनीतिक खेल को जारी रखने का प्रयास है। भाजपा ने सवाल उठाया कि क्या प्रशांत किशोर वास्तव में बदलाव लाना चाहते हैं, या यह सब उनके व्यक्तिगत लाभ के लिए एक और प्रयास है। - जनता की चिंता:-
भाजपा ने आशंका जताई कि प्रशांत किशोर वास्तव में जनता की आवाज सुनने के बजाय अपने राजनीतिक खेल में जनता के मुद्दों को नजरअंदाज कर रहे हैं। प्रभाकर मिश्रा ने कहा, “जनता अब समझ चुकी है कि ऐसे राजनीतिक व्यावसायिक चेहरों पर विश्वास नहीं किया जा सकता जो केवल अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए काम करते हैं।” - असली नेतृत्व की आवश्यकता:-
भाजपा का मानना है कि बिहार को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो जनता के हित में काम करे, न कि ऐसे नेताओं की जो केवल राजनीतिक व्यावसायिकता को बढ़ावा दें। श्री मिश्रा ने कहा, “भाजपा ऐसे नेताओं के खिलाफ है जो जनता की भावनाओं का शोषण करते हैं और अपने निजी हितों के लिए राजनीति का इस्तेमाल करते हैं।”
भाजपा प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने जनता से अपील की कि वे प्रशांत किशोर की राजनीति के पीछे की असली मंशा को समझें और ऐसे नेताओं से दूरी बनाएं जो केवल अपने फायदे के लिए राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “आइए, हम मिलकर एक सशक्त और विकसित बिहार का निर्माण करें।”




