जमीनी विवाद में दो पक्ष के बिच जमकर चली इंट पत्थर,एक दर्जन जख़्मी!

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रिपोर्टर — राजीव कुमार झा

मधुबनी जिले के खजौली थाना क्षेत्र अंतर्गत पाली मोहन गांव में दो पक्षों के बिच जमीनी विवाद उस समय हिंसक रूप अख्तियार कर लिया जब दो वर्षों से चली आ रही जमीन संबंधी मामले के बाबजूद भी एक पक्ष के लोगों के द्वारा उक्त विवादित जमीन पर बांस का खूंटा गाड़ा जा रहा था। तो दुसरे पक्ष के लोगों ने उन्हें खूंटा गाड़ने से मना करते हुए कहा कि आप ऐसा ना करें। पदाधिकारी के द्वारा हम दोनों पक्षों को उक्त जमीन पर किसी भी तरह के तत्काल नए कार्य करने से मनाही है। तो इसी बात पर मामला बढ़ा और देखते ही देखते पाली मोहन गांव रण भूमि में बदल गया। दोनों तरफ से घंटों जमकर इंट पत्थर चलता रहा। पत्थर बाजी से दोनों पक्षों के कय घरों का एस्बेस्टस को भारी नुक्सान पहुंचा है। वही दोनों तरफ से आधे आधे दर्जन लोगों को चोटें आई हैं। गनीमत की बात कही जा सकती है कि जमकर चलें इंट पत्थर में किसी की मौत नहीं हुई। दोनों तरफ से महिलाए और पुरुष घायल हैं। किसी को सर पे जख्म हैं तो किसी के पांव चोटिल है। सभी जख्मी को नजदीक के खजौली पी एस सी लेजाकर इलाज कराया गया। सभी खतरे से बाहर हैं। जिन जमीन को लेकर दो वर्षों से विवाद व टकराव चला आ रहा है उसे एक पक्षों के द्वारा अपना बता कर खतियान और पर्चा दिखाया जा रहा है। साथ ही सैकड़ों वर्षों से चले आ रहे कब्जे की बात बताई जा रही है। वही दुसरे पक्षों का कहना है कि उक्त जमीन बिहार सरकार की है। यहां ये कहना उचित प्रतीत होता है कि जिले में बढ़ रहे जमीन संबंधी विवादो को लेकर जिस तरह के कारगर पहल प्रशासन को करना चाहिए वे दिखाई नही दे रहा है। दो वर्षों अंचल प्रशासन कलुआही के द्वारा एक अदद जमीन से संबंधित मामले का निपटारा नहीं कर पाना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा करने को लेकर काफी कहा जा सकता है। जिले मे जमीन संबंधी विवादों में हाल के दिनों में कय लोगो की जाने जा चुका है। लेकिन जिले में बढ़ रहे जमीनी विवाद और टकराव में कमी आता दिखाई नहीं दे रहा है। वही इस तरह के बढ़ते टकराव को लेकर संबंधित थाना से लेकर अंचल प्रशासन अपने जबाबदेही को नकार नही सकते है। यहां ये कहना उचित प्रतीत होता है कि जमीन संबंधी टकराव के बाद पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर लेना या इस तरह के मामले में हत्या के बाद हत्या आरोपी को गिरफ्तार कर लेने को प्रशासनिक उपलब्धि मान लेना कहीं से भी काफी नहीं कहा जा सकता है। पुलिस से लेकर अन्य जवाबदेह पदाधिकारी को अपने कर्तव्य का पालन करते हुए ऐसा पहल करना चाहिए जिस से छोटे छोटे जमीनी विवाद हिंसक रुप ना ले सके।

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