कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दूबे):
हजरत अंजान शहीद बाबा के सालाना उर्स में शामिल हुए पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह
कैमूर। हिंदू मुस्लिम कौमी एकता की मिसाल दुर्गावती प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत यूपी बिहार बॉर्डर पर खजुरा पड़ाव सरैंया गांव स्थित हजरत अंजान शहीद बाबा का सालाना उर्स रविवार की रात अकीदत के साथ धुमधाम से शान्तिपूर्वक संपन्न हो गया।उर्स में बिहार सरकार के पूर्व कृषि मंत्री सह रामगढ़ विधायक सुधाकर सिंह कार्यक्रम में शिरकत किए उर्स के मौके पर दो मशहूर कव्वालों के बीच शानदार मुकाबला हुआ।बाबा की मजार पर हजारों की तायदाद मे जायरीनों ने चादर चढ़ाकर दुआएं मांगी.और रात भर शानदार जवाबी कव्वाली का लोगों ने लुफ्त उठाया.इस अवसर पर सुबह कुरान ख्वानी सायं चादरपोशी तथा रात्री मे मशहूर कौव्वाल अजमत आफताब वारसी अमरोहा एवं मोबिन साबरी कौव्वाल वाराणसी यूपी के बीच शानदार मुकाबला हुआ.कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार सरकार के पूर्व कृषि मंत्री सह रामगढ़ राजद विधायक सुधाकर सिंह ने फीता काटकर कव्वाली समारोह का उद्घाटन किया।कमेटी सदस्यों ने विधायक का पगड़ी बाधकर और माला पहनाकर स्वागत किया।कार्यक्रम का संचालन व्यवस्थापक मैनुद्दीन शाह ने किया कौव्वाली सुरू होने से पुर्व सरैया गांव स्थित मस्जिद के पास से शाम चार बजे से बाबा का चादर उठा.तथा खजुरा बाजार नौबतपुर होते हुए मजार पर आकर चादरपोशी की गई.चादरपोशी के दौरान यूपी बिहार के काफी संख्या मे हिन्दू मुस्लिम बंधुओ ने ज्यारत कर मुल्क की तरक्की व अमन चैन के लिए दुआ ख्वानी की.इस दौरान सुबह से ही दरगाह शरीफ पर जियारत के लिए जायरीनों का ताता लगा रहा इस अवसर पर बड़ी संख्या में हिंदू-भाई बहनों ने भी मजार पर शिरनी और चादर चढ़ाई. उर्स के मौके पर मजार को बड़े दिलकश अंदाज में सजाया गया था आकर्षक पंडाल तथा रंग-बिरंगे झूमर और लाइटिंग उर्स की भव्यता के चार चांद लगा रहे थे.इस दौरान पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उर्स के मौके पर यहां यूपी-बिहार के आए हुए हजारों श्रद्धालुओं को मेरी शुभकामनाएं हैं.कहा कि समाज को एकजुटता व भाईचारा स्थापित करने के लिए ऐसे आयोजनों से हम सभी को सीख लेना चाहिए समाज को एक नई दिशा प्रदान होगी.बहुत खुश नसीब वाले होते हैं जो उर्स के मौके पर पहुंच कर दुआएं हासिल करते हैं .उन्होंने कहां की कव्वाली गंगा-जमुनी तहजीब को बढ़ाता है मजार हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल है। तत्पश्चात मशहूर कव्वाल अजमत आफताब वारसी अमरोहा व कव्वाल मोबीन साबरी दोनों युपी कव्वालों के बीच कड़ा मुकाबला शुरू हुआ उर्स में कव्वाल पार्टियों ने एक से बढ़कर एक कलाम प्रस्तुत किया।तमाम दूर-दराज से आए हुए हजारों की संख्या में महिलाएं व पुरूष पूरी रात भोर पहर तक जवाबी कव्वाली का आनंद लिया इसके साथ ही उर्स पर झूले आकर्षण का केंद्र बना रहा। उर्स के दिन बाबा के दरगाह पर लगे सात दिवसीय मेला का समापन हो गया ।मेला में कई प्रकार के झूले लगाए गए थे मेले के आखिरी दिन काफी भीड़ रही लोगों ने झुले का आनंद लेते रहे.इस दौरान मेला अध्यक्ष राजकुमार यादव, व्यवस्थापक मैनुद्दीन शाह पत्रकार,मुबारक अली, नबीजान हासमी,तिलकधारी गुप्ता,हसन अली,अनवर अली,सैलेद्र गुप्ता,छठु मियां,मुमताज अली,सिरताज अली,कतारु अली,कलामूद्दीन,हुसैन हासमी,सुनिल खरवार, रामरतन यादव,शेरमुहम्मद शाह,मनोज राजभर,परवेज खान,हुसैन,सेरू सहित हजारों की संख्या में यूपी बिहार के लोग मौजूद रहे।




