रवि शंकर शर्मा –
1 जुलाई से बालू के खनन पर रोक के बाद बाढ़ प्रबंधन के नाम पर लूट की तैयारी शुरू हो गई है। मंत्री के नाक के नीचे दरभंगा में कटाव से बचने और बाढ़ सुरक्षा के लिए बोरे में बालू के जगह मिट्टी भरकर लूट का खेल शुरु हो चुका है। यह तो एक बानगी है, पूरे प्रदेश में बाढ़ सुरक्षा और कटाव विरोध के लिए होने वाले कार्यों में भी आपदा के दौरान अवसर तलाशने में माहिर माफिया-अफसर गठजोड़ हावी है। बाढ़ में आधा बिहार इस बार भी डूबेगा और जरूर डूबेगा। जनता त्राहि-त्राहि करेगी और नीतीश कुमार सुशासन बाबू विपक्ष को लामबंद कर प्रधानमंत्री बनने का सुनहरे ख्वाब देखेंगे। क्या यही बिहार की तकदीर है? जनता जनार्दन है। वह सब जानती है। अगले चुनाव में ऐसे अवसरवादी चरित्र के राजनेताओं को मुंह की खानी पड़ेगी। जनता ने कमर कस लिया है ।अगली लड़ाई विकास बनाम भ्रष्टाचार और परिवारवाद के विरुद्ध होगी।
इसकी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराए सरकार।




