रिपोर्ट -अनमोल कुमार
हृदय विदारक मंजर, कहीं बच्चों के हाथ पड़े थे तो कहीं पैर
नई दिल्ली : अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के एक स्कूल में आत्मघाती बम विस्फोट में 100 से अधिक बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। अभी ये शुरुआती रिपोर्ट है, मृतक संख्या और बढ़ सकती है। स्थानीय पत्रकारों के मुताबिक, रिपोर्टिंग के दौरान हृदय विदारक मंजर ने हिला कर रख दिया। स्कूल के आस-पास शवों को पहचानना भी मुश्किल हो रहा था। लेखक ने भयावहता को याद करते हुए कहा कि काज उच्च शिक्षा केंद्र के एक शिक्षक ने बच्चों के अंगों को उठाया। कहीं हाथ पड़े थे, कहीं पैर। ट्विटर पर विस्फोट से पहले जहां विस्फोट हुआ था, वहां का एक वीडियो भी साझा किया गया था। बीबीसी के मुताबिक, , विस्फोट शहर के पश्चिम में दश्त-ए-बारची इलाके में काज स्कूल में हुआ। एक स्थानीय पत्रकार, बिलाल सरवरी ने इस हमले पर ट्वीट किया-हमने अब तक 100 छात्रों के शवों की गिनती की है। मारे गए छात्रों की संख्या बहुत अधिक हो सकती है। कक्षा खचाखच भरी थी। ये सभी छात्र विश्वविद्यालय में एडमिशन के लिए आए हुए थे। एक स्थानीय पत्रकार के अनुसार, इस घटना में मृत ज्यादातर छात्र हैं। इन ज्यादातर हजारा और शिया थे, जो मारे गए। हजारा अफगानिस्तान का तीसरा सबसे बड़ा जातीय समूह है।




