सरकारी अस्पताल खस्ताहाल, टॉर्च की रौशनी में ईलाज, वीडियो वायरल

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धर्मेंद्र कुमार की रिपोर्ट :-

मोतिहारी : कभी ओपीडी टेबल पर कुत्ता बैठने वाले अस्पताल में मोबाइल की रौशनी से मरीज का होता है स्टिच,वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल!
मोतिहारी में एक ऐसा अस्पताल है जो हमेशा अपने कारनामो को लेकर सुर्खियों में है ।हाल ही में ओपीडी टेबल पर कुत्ता बैठने के वीडियो वायरल होने को लेकर सुर्खियों में रहने वाला अस्पताल फिर मोबाइल जलाकर मारपीट में जख्मी मरीज का इलाज करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के कारण खूब सुर्खियां बटोर रहा है ।सोशल मीडिया पर लोग यह कहते नही थक रहे कि वाह से स्वास्थ्य व्यवस्था ।आमलोगों को बेहतर स्वाथ्य सुबिधा देने का दावा धरातल पर आते ही टाय टॉय फीस हो जा रही है ।इसी से अनुमान लगाया जा सकता है कि 15 दिनों के अंदर ओपीडी में डाक्टर के टेबल पर कुत्ता बैठा व दूसरा जब इमरजेंसी में सीएससी में मरीज आये तो उसे टार्च वाला मोबाइल भी लाना अनिवार्य होगा ।इसी से अस्पताल के स्थिति का जायजा आसानी से लगा लिया जा सकता है ।मामला मोतिहारी के सीएचसी सूगैली का बताया जा रहा है ।
मोतिहारी जिला मोबाइल के लाइट से परीक्षा लेने से लेकर सदर अस्पताल में भी मरीजों के इलाज के लिए सुर्खियों में रहा है ।ताजा मामला सूगैली सीएचसी का मोबाइल की लाइट जलाकर मरीज का इलाज करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है ।वाइरल वीडियो के बारे में बताया जा रहा है कि दो दिन पूर्व सूगैली थाना क्षेत्र के एक गांव में जमकर मारपीट हुई थी ।मारपीट में जख्मी के इलाज के लिए सीएचसी सूगैली लाया गया ।मरीज पहुचा तो अस्पताल पूर्ण रूप से अंधेरा था ।फोन करने पर डाक्टर तो पहुचे लेकिन लाइट गायब था ।मरीज के इमरजेंसी होने के कारण डाक्टर द्वारा मोबाइल के रोशनी व टार्च के रोशनी में इलाज कर रेफर कर दिया गया।मोबाइल के रोशनी में मरीज का इलाज करने का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया ।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो खूब ट्रौल हो रहा है ।लोग यह कहते नही थक रहे कि 15 दिन भी नही बीते ओपीडी में डाक्टर के बदले कुत्ता टेबल पर बैठा था ।अब रात में मरीज के साथ टार्च वाला मोबाइल भी लाना अनिवार्य होगा ।यही है स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल ।सूगैली सीएसची प्रभारी ने इस संबंध में बताया कि विधुत आपूर्ति ट्रिप करने के कारण सप्लाई बंद था.मरीज पहुचने पर जेनरेटर संचालक को फोन किया गया तो उसका जेनरेटर एयर ले लिया था ।संचालक द्वारा एयर निकालकर जेनरेटर को चालू किया गया ।तबतक मोबाइल की रोशनी में मरीज का इलाज करते कोई वीडियो बनाकर वाइरल कर दिया ।जेनरेटर संचालक का एक वर्ष से भुगतान नही होने के कारण उसपर दबाव भी नही बनाया जा सकता है ।ऐसे सीएचसी की व्यवस्था सुधार का प्रयाश किया जा रहा है ।

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