रिपोर्ट- जेपी मिश्रा!
आज़ादी के अमृत महोत्सव के बीच स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए जहां समूचा देश 15 अगस्त की सुबह का इंतजार कर रहा था. वहीं पूर्णिया में 14 अगस्त 1947 से चली आ रही परंपरा को कायम रखते हुए लोगों ने ऐतिहासिक झंडा चौक पर मध्य रात्रि को ठीक 12:01 पर झंडोत्तोलन कर आजादी का 75वां वर्षगांठ मनाया.
देश में बाघा बॉर्डर के बाद पूर्णिया एकमात्र ऐसा जगह है जहां जश्न ए आजादी के दीवानों ने 14 अगस्त की मध्य रात्रि में ही झंडोत्तोलन कर दिया था . जब आकाशवाणी से आजादी की घोषणा हुई थी तो पूर्णिया के नौजवानों ने बिना देर किए रात के 12:01 पर झंडोत्तोलन कर दिया और उस वक्त से अभी तक पूर्णिया के झंडा चौक पर यह परंपरा चली आ रही है .
Byte — तीरपित नारायण सिंह




