अन्याय के खिलाफ बोलने की मिली सजा, अरुण कुमार डरने वाले नहीं – ऋतुराज!

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रिपोर्ट -अनमोल कुमार :-

महिलाओं पर हो रहे अन्याय के खिलाफ बोलने की मिली सजा, अरुण कुमार डरने वाले नहीं – ऋतुराज

◆ पूरा मामला

2015 चुनाव के समय अंनत सिंह की गिरफ्तारी के वक्त मोकामा क्षेत्र में प्रशासनिक लोग सत्ता के इशारे पर महिलाओं को प्रताड़ित कर रही थी। महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की जा रही थी। तब वहां के महिलाओं ने डॉ अरुण कुमार से संपर्क किया की इस अन्याय के ख़िलाफ़ बोला जाए।
उस समय डॉ०अरुण कुमार रालोसपा के प्रदेश अध्यक्ष थे, इसी दौरान एनडीए के बैठक के बाद जब पत्रकरों ने घटना पर मौजूद नेताओं से सवाल किया तो किसी ने बोलना उचित नहीं समझा तब पत्रकारों के ही कहने पर उन्होंने अपने व्यक्तव्य में कहा की “हमने चूड़ी नहीं पहन रखा है, अगर महिलाओं के खिलाफ अत्याचार रुका नहीं तो जरूरत पड़ने पर हम सत्ता में बैठे नीतीश कुमार का छाती तोड़ देंगे” यहां छाती तोड़ने का अर्थ अहंकार तोड़ने से था। मगध क्षेत्र में उस तरह का कहावत लोगों के बीच आम है। पर इसी को लेकर अरुण कुमार पर एफआईआर हुआ और बीते दिनों जहानाबाद के कोर्ट ने उन्हें तीन साल की सजा सुनाई और 5 हजार जुर्माना लगाया।

◆ अरुण कुमार के पुत्र और लोजपा(रा.) नेता ऋतुराज कुमार ने इस पूरे मामले पर बागी तेवर अपनाते हुए कहा भेड़िए के वार से सिंह की गर्जना कम नहीं हो जाती है। हमारे पिता को जॉर्ज साहब का मानस पुत्र कहा जाता है हम जेल जाने से डरने वालों में से नहीं है। पर सत्ता में बैठे लोग याद रखे सत्ता जब बदलेगी तो यही रुख उनलोगों के लिए रखा जाएगा।

कॉंग्रेस-जदयू में यह कैसा गठजोड़

ऋतुराज जी ने गठबंधन के नेताओं पर भी सवाल उठा दिया. उन्होंने कहा की आज महागठबंधन के कुछ नेता अरुण कुमार के पक्ष में बोल तो रहे है. पर वह इस बात का जवाब दे कि
केस तो कॉंग्रेस नेता ने ही किया था। आखिर कॉंग्रेस का जदयू और नीतीश कुमार से क्या रिश्ता ?

मोकामा से शुरू होगी लड़ाई

सजा के इस फैसले को आगे अपील किया जाएगा और जमीन पर जा कर लोकतंत्र के रक्षा की लड़ाई युद्धस्तर पर लड़ी जाएगी।
ऋतुराज ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की।

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