हाजीपुर से ऋषभ कुमार की रिपोर्ट:-
बिहार के वैशाली में ऐतिहासिक पीपल का पेड़ जलकर खाक हुआ.एतिहासिक पेड़ के जलने की सूचना पर घटना स्थल पर भागे भागे पहुंचे अधिकारी पीपल का पेड़ सैकड़ों साल पुराना था,जले हुए पेड़ का अधिकारीयों ने जायजा लिया. ऐतिहासिक महत्व का था ये पीपल का पेड़. मामला वैशाली जिला के बेलसर थाना क्षेत्र के बेलबर गांव का है.बताया जाता है कि इस पीपल के पेड़ से 2011 में भगवान बुद्ध की आकृति निकली थी. भगवान बुद्ध की आकृति पीपल के पेड़ से निकलने से यह जगह आस्था का केंद्र बन गया था. कहा जाता है कि इसी स्थान पर भगवान बुद्ध का अंतिम वर्षावास हुआ था.भगवान बुद्ध ने अपने जीवन के अंतिम वर्षों में इस जगह पर तीन माह बिताया था.इसी जगह पर माता सती का भी स्थान है,लोग यहां पूजा करने दूर दूर से आते हैं, पीपल के पेड़ में आग कैसे लगी इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है,सोमवार के दिन माता सती की पूजा करने काफी संख्या में महिलायें इस जगह पहुंची थी,महिलाओं ने इस इस ऐतिहासिक पेड़ का भी पूजा किया था और अगरबत्ती जलाया था इसी, प्रथम दृष्टिकोण में अगरबत्ती से पीपल के पेड़ में आग लगने की आशंका जतायी जा रही है . आग में इस एतिहासिक पीपल के पेड़ के जलकर खाक हो जाने से लोगों में हताशा और निराशा तो है ही साथ ही अनहोनी कि आशंका से भी लोग डरे हुये हैँ.
बाइट-: विनय कुमार —– ग्रामीण




