रिपोर्ट :- संतोष तिवारी :-
आतंकी मॉड्यूल का पटना के बाद मुजफ्फरपुर कनेक्शन
पटना में आतंकी और उसके मिशन को पुलिस ने सफलता पूर्वक से किया पर्दाफाश लेकिन पटना की पुलिस ने जांच में कई चौंकाने वाला खुलासा किया है और मामले में 26 आरोपी के नाम का खुलासा किया है जिसमे मुजफ्फरपुर जिला के एक घशक्श का भी नाम आया है जिसमे की संदिग्ध संगठन पीएफआई तक के साथ ताल्लुक रखने की बात आई है सामने जिसके बाद अब मामले की जांच NIA कर रही है।
पटना से मामला आया सामने
आपको बता दें कि बिहार पुलिस ने एक FIR दर्ज की है जिसके मुताबिक 11 जुलाई को पटना फुलवारी शरीफ में कुछ संदिध एक सीक्रेट मीटिंग हुई थी जिसमे पीएम नरेंद्र मोदी के दौरे में गड़बड़ी करना चाहते थे और इसको के इन सभी पीएम के दौरे में गड़बड़ी करने के लिए 15 दिन से फुलवारी शरीफ में ट्रेनिंग भी दी जा रही थी जिसके बाद पटना पुलिस 2 संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया और उनसे पूछताछ के बाद उनके ठिकानों की तलाशी ली तो एक पूरा दस्तावेज बरामद हुआ था और जिसमे मिशन 2047 की बात कही थी।
मामले में अब मुजफ्फरपुर से जुड़ा तार
पटना के बाद मामला बिहार के जिला मुजफ्फरपुर से जुड़ा हुआ भी बताया जा रहा है जिसमे एक प्लान के तहत गतिविधि से जुड़े होने की जानकारी पुलिस को मिली है और सूत्रों की माने तो मुजफ्फरपुर जिले के बरियारपुर ओपी के गौरिहार गांव का रहने वाला मजहरूल इस्लाम का नाम आया है जिसमे आतंकी संगठन और उससे जुड़े हुए संदिग्ध गतिविधि में शामिल होने की जानकारी है और इसको लेकर पुलिस और एटीएस भी मामले में जांच कर रही है और पता कर रहे हैं कि कई मदरसा में बतौर शिक्षक कार्य करने वाले आरोपी मो मजहरूल इस्लाम की भूमिका भी संदिग्ध है हालांकि परिजन और व स्थानीय लोगों पुलिस की दर्ज किया गया हुआ एफआईआर में मदरसा में देश विरोधी गतिविधि में शामिल होने की जानकारी जुटा रही है।परिजन ने बताया है कि मदरसा में बस शिक्षण का कार्य करते हैं और उनकी स्वभाव बेहतर है और ऐसी में किसी भी सूरत की गड़बड़ी वाली कोई भी हड़कात में शामिल नही है।
बाइट आरोपी मजहरूल इस्लाम के परिजन।
वही मामले में आरोपी मजहरूल इस्लाम की मां ने बताया की उनका बेटा कभी कभी आता है और कैसे आता जाता है इसकी जानकारी भी नही होती है क्या करता है और कहां करता है यह भी जानकारी नही दी जाती है बस इस बार बकरीद में आया था और फिर चला गया और नही आया।
वही पूरे मामले की लेकर स्थानीय जन प्रतिनिधि महेश कुमार शर्मा ने बताया कि इस मामले की जानकारी हमे भी मिली है और इसको लेकर के एजेंसी और पुलिस अपना जांच को कर रही है और अब तक जितना हमे भी जानकारी है इसको लेकर के भी हमलोग ने भी ऐसे किसी भी संदिग्ध परिस्थितियों में होने की नहीं है
वही इस मामले चार माह पहले सीआईडी ने उसके अंकीय कनेक्शन की जानकारी दी थी




