अरविंद कुमार की रिपोर्ट
पूर्वी चंपारण जिला में पुलिस के भय समाप्त हो चूका है क्योंकि यहाँ अब मौत के तमासा सा दिखने लगा है । एक तरफ मोतिहारीं पुलिस पूरे जिले में घूम घूम कर पुलिस आपके द्वारा कार्यक्रम चला रही है तो दूसरी ओर अपराधी आए दिन पुलिस को चैलेंज देकर अपराध को अंजाम दे रहा है । क्योंकि इस जिले में अब अवैध हथियारों का जाल बिछ गया है । तजा मामला शहर के नगर थाने से महज 500 मीटर दूर पे घटित हुई है जहाँ बेखौफ अपराधियों ने दिनदहाड़े नगर थाना क्षेत्र के व्यस्तम गायत्री मंदिर के पास ठीकेदार कुणाल सिंह को गोलियों से भून दिया। जिसके बाद मौके पर ही कुणाल कि मौत हो गई । घटना से आक्रोशित लोग हॉस्पिटल चौक पर जमकर हंगामा कर रहे हैं।सड़क पर आगजनी कर शव को रोड पर रखकर जाम कर दिया।मुफ्फसिल और छतौनी थाना की पुलिस ने मौके पर पहुंचने की कोशिश की।लेकिन लोगों ने खदेड़ कर भगा दिया।
मृतक कुणाल सिंह जिला के कोटवा थाना क्षेत्र के कोटवा बाबू टोला के रहने वाले थे।वह गायत्री नगर स्थित अपने डेरा से बाजार के तरफ से बाइक से निकल रहे थे।उसी दौरान गायत्री मंदिर के पास अज्ञात अपराधियों ने कुणाल सिंह को गोली मार दी।घटनास्थल पर हीं उनकी मौत हो गई।घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने हॉस्पिटल चौक पर शव रखकर जाम कर दिया है।लेकिन घटना के दो घंटे बाद तक पुलिस के नहीं पहुंचने से लोगों का सब्र जबाब देते जा रहा है और लोग हंगामा कर रहे हैं।लोगों के आक्रोश को देख पुलिस मौके पर पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है।
बतादें कि मृतक कुणाल सिंह के पिता नरेंद्र सिंह और उनके छोटे भाई की अगस्त 2005 में अपराधियों ने कोटवा कदम चौक के निकट हत्या कर दी थी।दोनो पिता पुत्र कोटवा से अपने घर लौट रहे थे।जिस समय नरेंद्र सिंह की हत्या हुई।उस समय वह अपने पंचायत के मुखिया थे।
बाईट….रविरंजन उर्फ नेता….रिश्तेदार




