ब्यूरो रिपोर्ट शंखनाद
दो दिन पूर्व नव पहाड़ में संचालित अवैध कोयला खदानों पर की गई कार्रवाई पर उठने लगे हैं गंभीर सवाल
दो दर्जन से अधिक बड़ी खदानों पर नहीं हुई कोई कार्रवाई, संबंधित पदाधिकारीयों ने साधी चुप्पी
शिकारीपाड़ा(दुमका)
शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के नव पहाड़ मौजा में चल रही कोयला की अवैध खदानों पर जिला खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में दो दिन पूर्व शुक्रवार को की गई कार्रवाई पर सवाल खड़े होने लगे है|विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मौजा मेंं कोयला की लगभग 40 खदानें अवैध रूप से संचालित की जा रही है| जिसमें मात्र एक दर्जन खदानों में ही मिट्टी भरने का कार्य किया गया|सवाल है कि आखिर बाकी बची कोयला खदानों पर कारवाई कब होगी|प्रशासन द्वारा इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है|ज्ञात हो कि शुक्रवार को जब अवैध खदानों को ध्वस्त किया जा रहा था उस समय कोयला खदान के समीप लगभग बीस टन कोयला खुले में पड़ा था जिसे किसी कारणवश जब्त नहीं किया जा सका था| प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात कोयला माफियाओं ने उस कोयला को वहां से उठा लिया है| अवैध रूप से जमा किए गए कोयला को उठाकर ले जाना चर्चा का विषय बना हुआ है| जानकारी के अनुसार शुक्रवार को सिर्फ छोटी-छोटी कोयला की खदानों को ही मिट्टी भरकर बंद किया गया था|लगभग दो दर्जन से अधिक बड़ी खदानों में ना तो मिट्टी ही डाली गई और ना ही उन्हें नामजद अभियुक्त बनाया गया| जो लोग छोटी-छोटी कोयला की अवैध खदान चला रहे थे उन्हीं के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया। बताते चलें कि इसी मौजा में कोयला की अवैध खदानों मे 2020 में तत्कालीन पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी वकार हुसैन ने छापामारी कर भारी मात्रा में कोयला जब्त करते हुए खुद के बयान पर पांच नामजद व्यक्तियों कादिर मियां शुक्र उद्दीन अंसारी अमीन मियां धनु बास्की एवं पांचू मियां सभी ग्राम नव पहाड़ के विरुद्ध थाना कांड संख्या 42/20 धारा 188,414 एवं 34 के तहत मामला दर्ज किया था| जिसके अनुसंधानकर्ता वर्तमान जामा थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह को बनाया गया था।




