रिपोर्ट- मनोज कुमार!
बेतिया से खबर है जहां पश्चिम चंपारण जिले में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच सोमवार की देर रात चंपारण तटबंध टूटने से बैरिया प्रखंड के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। फुलियाखांड़ पंचायत के वार्ड संख्या पांच के समीप रात करीब दो बजे सिपेज के बाद तटबंध धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होकर टूट गया। तटबंध टूटते ही पानी तेज गति से आसपास के गांवों और खेतों में फैलने लगा। कई गांव बाढ़ के पानी में डूब गए हैं, जबकि कई लोगों के घर पानी में विलीन होने की बात सामने आ रही है।
बताया जाता है कि गंडक नदी के बाएं चंपारण तटबंध में फुलियाखांड़ गांव के समीप करीब 59.60 किलोमीटर पर पहले से ही सिपेज हो रहा था। सोमवार रात पानी का दबाव बढ़ने के बाद ओवरटॉपिंग और पाइपिंग के कारण करीब पांच मीटर चौड़ाई में तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलने के बाद जल संसाधन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तेज बहाव के कारण तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराने में परेशानी हुई।
तटबंध टूटने के बाद फुलियाखांड़ के अलावा श्यामपुर, शिवराजपुर समेत आसपास के कई गांवों में पानी तेजी से फैल रहा है। ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। कई परिवार अपने बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों को लेकर घर छोड़ चुके हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच चीख-पुकार और अफरातफरी का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी आक्रोश है कि अब तक जिला प्रशासन के अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने नहीं पहुंचे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तटबंध का हिस्सा पहले से कमजोर था और सिपेज की जानकारी भी थी, लेकिन समय रहते पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। लोगों का कहना है कि यदि पहले से बचाव और मरम्मत की तैयारी की गई होती तो इतनी भयावह स्थिति नहीं बनती।



