भागलपुर- हीलिंग टच अस्पताल में मरीज की मौत से कोहराम,इलाज में लापरवाही का आरोप!

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रिपोर्ट – निभाष मोदी!

हीलिंग टच अस्पताल में मरीज की मौत से कोहराम! इलाज में लापरवाही का आरोप, सवा दो लाख रुपये देने के बाद भी नहीं मिलने देने का दावा; गुस्साए परिजनों ने घंटों किया हंगामा

भागलपुर। तिलकामांझी स्थित हीलिंग टच अस्पताल में मरीज निर्मल कुमार यादव की इलाज के दौरान मौत के बाद ऐसा हंगामा मचा कि अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। एक तरफ मृतक के परिजनों ने इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रबंधन को कटघरे में खड़ा किया, वहीं दूसरी तरफ अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी परिजनों के व्यवहार पर सवाल उठाए गए हैं। मामले के बाद अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों के इलाज को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

परिजनों के मुताबिक, जीरो माइल निवासी निर्मल कुमार यादव को बुधवार को बुखार आने के बाद हीलिंग टच अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का दावा है कि शाम करीब पांच बजे तक निर्मल की स्थिति ठीक थी। इसके बाद आज सुबह अचानक उनकी मौत की सूचना मिली। मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे और मरीज से मिलने की मांग करने लगे।
परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने निर्मल से मिलने की कोशिश की तो डॉक्टर और अस्पताल के गार्ड ने उन्हें रोक दिया। आरोप है कि उनसे पहले अस्पताल का बकाया भुगतान जमा करने को कहा गया। परिजनों का कहना है कि एक ही दिन के इलाज में अस्पताल को करीब सवा दो लाख रुपये दिए जा चुके थे, इसके बावजूद मरीज की मौत के बाद भी उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया।इसी बात को लेकर परिजनों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने अस्पताल के सामने घंटों हंगामा किया। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब अस्पताल प्रबंधन की ओर से आरोप लगाया गया कि हंगामे के दौरान परिजनों ने अस्पताल के लोगों और स्टाफ के साथ मारपीट भी की। मारपीट की बात सामने आने के बाद अस्पताल परिसर में तनाव और बढ़ गया।

वहीं, अस्पताल प्रबंधन की ओर से बीच-बचाव करते हुए कहा गया कि मरीज के इलाज में किसी तरह की कोताही नहीं की जा रही थी। अस्पताल प्रबंधन का कहना था कि डॉक्टर अपनी ओर से मरीज को बचाने की पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन हर चीज डॉक्टर के हाथ में नहीं होती, कुछ ऊपर वाले के हाथ में भी होता है।
दूसरी ओर, मृतक के परिजनों ने इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मरीज को बुखार की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था और कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत हो गई। हालांकि, इलाज में लापरवाही के इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। मौत की वास्तविक वजह जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
हंगामे के दौरान परिजनों ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पुलिस अस्पताल के डॉक्टरों के पक्ष में खड़ी है। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि निर्मल कुमार यादव की अचानक मौत आखिर किन परिस्थितियों में हुई? क्या इलाज में कोई लापरवाही हुई या मरीज की हालत अचानक बिगड़ी? अस्पताल में एक दिन के इलाज के दौरान सवा दो लाख रुपये खर्च होने के बाद भी परिजनों और अस्पताल के बीच विवाद क्यों बढ़ा? और हंगामे के दौरान स्टाफ के साथ मारपीट के आरोपों पर क्या कार्रवाई होगी?
फिलहाल घटना ने इलाके में सनसनी पैदा कर दी है।

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