भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौता किसानों की गुलामी का दस्तावेज : किसान महासभा!

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रिपोर्ट :- संतोष चौहान!

सुपौल :- साम्राज्यवाद विरोधी दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय आह्वान पर रविवार को सुपौल में किसान विरोधी एवं कॉरपोरेट समर्थक नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने केंद्र और बिहार सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कार्यक्रम का नेतृत्व अखिल भारतीय किसान महासभा के जिलाध्यक्ष अच्छेलाल मेहता और माले के जिला सचिव अनिल कुमार ने संयुक्त रूप से किया। प्रदर्शन गांधी मैदान से शुरू होकर नौआना कचहरी रोड, स्टेशन चौक होते हुए लोहिया नगर स्थित डॉ० राम मनोहर लोहिया की प्रतिमा के पास पहुंचा, जहां नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया गया।
पुतला दहन के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौता किसानों के लिए गुलामी का दस्तावेज है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां किसानों के हितों के बजाय कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने वाली हैं।
नेताओं ने बिहार सरकार पर भी किसानों की जमीन से जुड़े मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सेटेलाइट टाउनशिप, टोपो लैंड और लैंड पुलिंग के नाम पर किसानों की करीब चार लाख एकड़ जमीन जबरन लेने की योजना पर काम कर रही है। किसान नेताओं ने कहा कि एक ओर किसानों को उनकी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की गारंटी नहीं मिल रही है, वहीं दूसरी ओर खाद और बीज भी उचित दर पर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।
वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हुई है। उन्होंने दावा किया कि देश के किसान सरकार की कॉरपोरेट समर्थक नीतियों को समझ चुके हैं और इसके खिलाफ व्यापक संघर्ष के लिए तैयार हैं।
किसान नेताओं ने कार्यक्रम के माध्यम से सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन तेज करने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में भाकपा माले के जिला कार्यालय सचिव कॉमरेड अरविंद कुमार शर्मा, कॉमरेड नवल किशोर मेहता, सुरेश मंडल, राजेश्वर यादव, किसान नेता कॉमरेड कलाधर यादव, लाल बहादुर यादव, सत्यनारायण यादव, गणेश्वर मंडल, राजेंद्र राम, कॉमरेड मन्नान, कॉमरेड मुकेश कुमार यादव, फिरोज आलम सहित बड़ी संख्या में किसान नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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