:- रवि शंकर अमित/बबलू राय!
पूर्व मंत्री व जदयू नेत्री मंजू वर्मा पति समेत दोषी करार, 7 साल की सजा, 50/50 हजार अर्थदंड, नहीं देने पर एक साल और बढ़ेगी सजा!
बेगूसराय मे शनिवार को कोर्ट का एक बड़ा फैशला सामने आया है जिसमें पूर्ब समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा को सात साल की सजा और पचास पचास हजार रूपया का अर्थ दंड की सुनाया गया है । यह बेगूसराय जिला का चर्चित मामला था जो पिछले आठ सालो से न्यायालय मे चल रहा था। ये फैसला स्पेशल जज एडीजे टू ब्रजेश कुमार सिंह की अदालत नें सुनाया है। फैसले के बाद कोर्ट मे मौजूद मंजू वर्मा और उनके पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। ये फैसला अवैध हथियार रखने से सम्बंधित था।
बताते चले की चेरिया बरियारपुर थाना कांड संख्या -143/18 मे पूर्व मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा को अवैध हथियार रखने के आरोप मे दोषी पाया गया, इस फैसले मे कोर्ट ने सात साल सजा के अतिरिक्त पचास पचास हजार रुपया अर्थ दंड की सजा सुनाई है, अर्थ दंड नहीं देने पर एक साल और जेल मे रहने का आदेश दिया गया है। इस संबंध मे पीपी संतोष कुमार ने बताया की मामला वर्ष 2018 का है जिसमें इनलोगो पर आरोप है की इसके घर से पचास अवैध कारतूस बरामद हुआ था।
जिसके सूचक सीबीआई के डीएसपी उमेश कुमार सिंह थे। इस मामले मे अभियोजन की ओर से कुल सात गवाहों की गवाही कराई गई थी। इस केस के आई ओ रंजीत कुमार रजक थे। इस मामले मे सबों ने घटना का समर्थन किया। आज लगभग आठ साल बाद इस मामले मे बड़ा फैसला सामने आया है। घटना के वक्त मंजू वर्मा बिहार सरकार की समाज कल्याण मंत्री थी। उनके पुत्र अभी भी वर्तमान मे चेरियावरियारपुर से जदयू के विधायक है।



