विश्व प्रशिद्ध सौराठ सभावास कार्यक्रम का पंजिकार एवं अतिथियों द्वारा शुभारंभ!

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रिपोर्टर — राजीव कुमार झा!

मधुबनी जिले के रहिका प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत विश्व प्रशिद्ध शौराठ सभावास कार्यक्रम को पंजिकार एवं अतिथियों द्वारा दिप प्रज्वलित कर एवं फीता काट कर किया गया। इसी के साथ पूर्वजों द्वारा स्थापित वैवाहिक परंम्परा स्थल पर इस वर्ष भी दस दिनो तक सभा लगना प्रारंभ हो गया है। गुरुवार 2 से 12 जुलाई तक सभावास का मुहूर्त है। पंजीकार प्रमोद मिश्र ने बताया कि मिथिला के कर्णाट वंश के राजा हरिसिंह देव ने चौदहवीं शताब्दी में सौराठ सभा वास का शुरूआत किया था।इस परम्परा को मिथिला के अंतिम राजा कामेश्वर सिंह एवं दरभंगा राजमहल के द्वारा वैवाहिक संबंध का वंशावली जाति,पांजि को संरक्षित किया। देश स्वतंत्र होने के बाद लोकतांत्रिक व्यवस्था के कारण विवाह वंशावली पंजी व्यवस्था विश्व स्तर पर मैथिल ब्राह्मणों एवं कर्ण कायस्थ समाज के लोगों ने भले ही संख्या घटी है लेकिन अभी भी कुलीन परिवार विवाह वंशावली अधिकार एवं सिद्धांत सहमति पत्र तार पत्र पर पंजीकार द्वारा लिखाने की व्यवस्था जीवंत बना हुआ है। ऐतिहासिक महत्व के विरासत को संजोए रखने में नव पीढ़ी के युवा वर्ग रूचि ले रहे हैं।चार दशक पूर्व हजारों की संख्या में नेपाल सहित सम्पूर्ण भारत में बसे हुए मैथिल ब्राह्मणों का जमघट लगा रहता था।उस परम्परा के अवक्षय होने में आधुनिक डिजिटल तकनीकी मूल कारण है तथा नव पीढ़ी के युवा वर्ग इसे संरक्षित करने की दिशा में अपने विरासत व धरोहर की रक्षा करने की जरूरत पर वक्ताओं ने प्रकाश डाला। कार्यक्रम में सभा समिति के अध्यक्ष कृष्ण कांत झा गुड्डू, पूर्व अध्यक्ष सतीश चन्द्र मिश्र, सचिव डा.शेखर चन्द्र मिश्र,जिला संस्कृति पदाधिकारी नितीश झा, अनिल कुमार झा, धर्मेन्द्र झा,हितेन्द्र ठाकुर, शम्भू नाथ पंडा,आनंद झा सहित दर्जनों लोगों ने संकल्प लिया कि सौराठ सभा विकास की ठोस निर्णय लेकर पुनः अपने पूर्व स्वरूप में गुलजार हो, तथा सामाजिक सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया।इस अवसर पर दर्जनों गणमान्य लोगों को पाग, दोपटा, माला पहनाकर सम्मानित किया गया। साथ ही ब्राम्हणो से अपील किया गया कि 12 जूलाई तक लगने बाली सभा मे कम से कम एक दिन जरूर पहूंचें। इस अवसर पर देवेन्द्र मिश्र, अनिल झा, अजय झा, किशन कुमार झा, अरविंद कुमार मिश्र, मुकेश झा, मनोहर झा, अतुल कुमार झा, नारायण मिश्र, चंदन कुमार झा, सुनील झा, राजेश झा, चून्नू जी सहित सैकड़ों लोग सभा प्राण मे उपस्थित थें।

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