48 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, द्वारा 15 दिवसीय कूलर एवं पंखा रिपेयरिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ!

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रिपोर्टर– राजीव कुमार झा!

मधुबनी जिले से लगने बाली इंडो नेपाल बोर्डर पर मुस्तैद 48 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, जयनगर के तत्वावधान में ई समवाय, गंगौर में सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं हेतु 15 दिवसीय व्यावसायिक प्रशिक्षण (कूलर एवं पंखा रिपेयरिंग) का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कमांडेंट राजेंद्र कुमार के दिशानिर्देशन में तथा हरि नारायण जाट, उप कमांडेंट के नेतृत्व में किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात रामा फाउंडेशन के ब्लॉक कॉर्डिनेटर इंद्रजीत कुमार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य एवं पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी कौशल प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार हेतु सक्षम बनाना है।

इसके उपरांत प्रशिक्षक अशोक कुमार ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण की रूपरेखा, कूलर एवं पंखा रिपेयरिंग से संबंधित तकनीकी जानकारी तथा प्रशिक्षण के दौरान कराए जाने वाले व्यावहारिक अभ्यासों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

अपने संबोधन में हरि नारायण जाट उप कमांडेंट ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी कौशल ही युवाओं की सबसे बड़ी पूंजी है। कूलर एवं पंखा रिपेयरिंग का कार्य कम लागत में प्रारंभ किया जा सकने वाला स्वरोजगार का एक उत्कृष्ट माध्यम है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का पूर्ण लाभ उठाकर अपने कौशल का विकास करने तथा आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।

इस अवसर पर कमांडेंट राजेंद्र कुमार का संदेश भी पढ़कर सुनाया गया। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि सशस्त्र सीमा बल सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं के कौशल विकास एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ऐसे रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण को पूर्ण निष्ठा, अनुशासन एवं लगन के साथ पूरा कर अपने कौशल का सदुपयोग करते हुए समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में समवाय गंगौर प्रभारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया तथा सभी प्रतिभागियों एवं अधिकारियों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की गई।

48 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, जयनगर सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं के कौशल विकास एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनाने हेतु निरंतर कार्य कर रही है तथा भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।

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