आरा/आशुतोष पाण्डेय!
आरा, 29 जून। छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और इंकलाबी नौजवान सभा के संयुक्त आह्वान पर सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सामूहिक उपवास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-युवा शामिल हुए और शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती अव्यवस्था, पेपर लीक तथा परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आइसा के जिला सचिव जयशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में लगातार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं, जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने में सरकार विफल रही है।
आइसा के जिला अध्यक्ष विकास कुमार ने कहा कि नीट सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों का सरकार पर भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था लगातार संकट में है और इसकी नैतिक जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए।
इंकलाबी नौजवान सभा के राज्य सचिव एवं पूर्व विधायक शिवप्रकाश ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में धांधली, विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक अव्यवस्था और छात्रों के मुद्दों पर सरकार की चुप्पी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की।
सभा के जिला अध्यक्ष विशाल कुमार ने नीट पेपर लीक समेत सभी परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की मांग की। वहीं, आइसा के जिला सहसचिव चंदन दास ने चेतावनी दी कि यदि सरकार छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कार्यक्रम में आरवाईए के जिला सचिव निरंजन केशरी, चंदन दास, रौशन कुशवाहा, साहिल अरोरा, अखिलेश कुमार, हरिनारायण, नीतू कुमारी, वर्षा कुमारी, हांशिका, अनिता, विवेक, गौतम, विद्यानिवास, अनूप, सुमित, पंकज कुशवाहा, मनीष यादव, रणधीर राणा, राहुल सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।




