सुपौल जिले भर में उत्साह के साथ मनाई जा रही मोहर्रम का त्यौहार!

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रिपोर्ट:- संतोष चौहान!

सुपौल :- जिले में शुकवार को मुहर्रम का पर्व श्रद्धा, उत्साह आपसी भाईचारे के माहौल में मनाया जा रहा है। पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। जिले के सभी प्रखंडों में प्रशासन की ओर से फ्लैग मार्च निकाला गया, जिसमें जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित जिले के सभी वरीय पदाधिकारी और पुलिस अधिकारी शामिल हुए।

मुहर्रम को लेकर जिले के विभिन्न चौक-चौराहों, संवेदनशील स्थानों और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। प्रशासन की ओर से जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारियों ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से पर्व मनाने और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। फ्लैग मार्च के दौरान अधिकारियों ने आम लोगों से संवाद कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लिया।

सुपौल नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-12 स्थित धोबी टोला का ऐतिहासिक बड़ा इमामबाड़ा मुहर्रम के अवसर पर श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा। बुधवार की रात यहां जागी बांधने का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर अपनी आस्था व्यक्त की।

धोबी टोला स्थित बड़ा इमामबाड़ा लगभग 200 वर्षों से लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। मुहर्रम के अवसर पर यहां मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ-साथ हिंदू समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं और अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। लोगों का मानना है कि इस ऐतिहासिक स्थल से उनकी गहरी आस्था जुड़ी हुई है।

आयोजन के दौरान इमामबाड़े को आकर्षक तरीके से सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने यहां पहुंचकर चढ़ावा अर्पित किया और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए दुआ मांगी। पूरे परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। कमेटी के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बड़ा इमामबाड़ा कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद आलम साफी ने बताया कि यह इमामबाड़ा करीब 200 वर्षों से लोगों की आस्था का केंद्र है। यहां हर वर्ष मुहर्रम के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन की खासियत यह है कि इसमें सभी समुदाय के लोग शामिल होकर आपसी प्रेम और सौहार्द का संदेश देते हैं।

मुहर्रम के दौरान जिले में निकलने वाले जुलूस और अन्य कार्यक्रमों को लेकर प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारीयां की थी। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि पर्व के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जाए।

जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस पदाधिकारी और दंडाधिकारी तैनात रहे। सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।

मुहर्रम के अवसर पर सुपौल में देखने को मिला धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता की भावना भी मजबूत है। विभिन्न समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे का सहयोग कर पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में मनाया। ऐतिहासिक बड़ा इमामबाड़ा इस सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी विश्वास की मिसाल बना रहा।

कुल मिलाकर सुपौल जिले में मुहर्रम का पर्व प्रशासनिक सतर्कता, धार्मिक आस्था और सामाजिक भाईचारे के बीच शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जा रहा है।

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