:- ब्यूरो रिपोर्ट!
बाढ़ में मद्यनिषेध की महिला एसआई गुंजा कुमारी पर स्थानीय लोगों ने मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं वे ऑफिस में अपने वरीय अधिकारियों की भी नहीं सुनती हैं। अब उनकी मनमानी से मद्य निषेध के अधिकारी भी परेशान हैं। उनपर मद्यनिषेध थाना अंतर्गत ढीबर गांव के पास आमलोगों ने अभद्र व्यवहार और मारपीट का आरोप लगाया है। आरोप है कि उन्होंने साइकिल से जा रहे एनटीपीसी के कर्मचारी पर मद्यनिषेध के आने का हल्ला करने का आरोप लगाया, जिसके बाद उनके साथ मौजूद सिपाही ने कर्मी को जोरदार थप्पड़ मार दिया। वहीं आरोप है कि वे मद्यनिषेध थानाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद की भी नही सुनती है। उनका थाना और थाना क्षेत्र में अधिकारियों पर भी दबदबा है।
नतीजतन मद्यनिषेध अधिकारियों को आएदिन आमलोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ता है। मद्यनिषेध टीम पर बाढ़ अनुमंडल में कई बार हमले भी हो चुके है। बाढ़ थाना अंतर्गत जलगोविंद में सूचना मिलने पर शराब पिए लोगों को पकड़ने गई मद्यनिषेध टीम पर हमला हुआ था। उसके बाद 12 नवंबर 2025 को अथमलगोला थाना अंतर्गत गंजपर गांव में सूचना पर छापामारी करने पहुंची मद्यनिषेध टीम पर हमला हुआ था, वहीं हाल ही में 29 मई 2026 को बख्तियारपुर थाना अंतर्गत रानीसराय में होटल में शराब पीने की सूचना पर पहुंची मद्यनिषेध टीम पर हमला किया गया था। महिला एसआई के नेतृत्व वाली टीम के द्वारा मारपीट की घटना से अब स्थानीय लोग मद्यनिषेध की कार्यशैली पर भी सवाल उठाने लगे हैं। जबकि मद्यनिषेध पर तीनों घटनास्थल पर हमले के दौरान मौजूद लोगों ने आमलोगों से अभद्र व्यवहार और मारपीट करने का आरोप लगाया था। लगातार इस तरह की घटनाओं के बाद अब महिला एसआई की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
मद्यनिषेध थाना अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि मामले की जांच हेतू वरीय अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
वहीं महिला एसआई उनके सामने भी बिना अनुशासन तेज आवाज में सभी से बातचीत कर रही थी।
बाइट – स्थानीय!




