:- रवि शंकर अमित!
राज्य में निवेश आकर्षित करने, उद्यमिता को प्रोत्साहन देने तथा रोजगार सृजन की गति बढ़ाने के लिए डीरेगुलेशन एवं प्रक्रियात्मक सुधार अत्यंत आवश्यक हैं।
प्रत्येक विभाग अपने अधीन सभी लाइसेंस, अनुमतियों, निरीक्षण प्रक्रियाओं तथा रिपोर्टिंग आवश्यकताओं का परीक्षण कर अगले निर्धारित समय के भीतर सरलीकरण हेतु ठोस प्रस्ताव प्रस्तुत करे।
सरकार की भूमिका नागरिकों और उद्यमियों के लिए सुविधा प्रदान करने की होनी चाहिए।
पटना, 01 जून 2026 मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में आज Compliance Reduction and Deregulation से संबंधित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
बैठक में उद्योग विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, श्रम संसाधन विभाग, कृषि विभाग, ऊर्जा विभाग, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, पर्यटन विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, फायर सर्विसेज से संबंधित विषयों एवं सुधारात्मक प्रयासों तथा आगे की कार्य योजना के बारे में अपर मुख्य सचिव/ प्रधान सचिव/सचिव ने विस्तृत जानकारी दी।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में व्यवसाय, उद्योग, व्यापार एवं नागरिक सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार का Compliance Reduction and Deregulation संबंधी जो निर्देश प्राप्त हुये हैं, उस पर तेजी से कार्य करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश आकर्षित करने, उद्यमिता को प्रोत्साहन देने तथा रोजगार सृजन की गति बढ़ाने के लिए डीरेगुलेशन एवं प्रक्रियात्मक सुधार अत्यंत आवश्यक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की भूमिका नागरिकों और उद्यमियों के लिए सुविधा प्रदान करने की होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उद्योगों, निवेशकों, स्टार्टअप्स, व्यापारिक प्रतिष्ठानों तथा आम नागरिकों को सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े। सभी विभाग डिजिटल माध्यमों, स्व-प्रमाणन, ऑनलाइन अनुमोदन तथा समयबद्ध सेवा वितरण की व्यवस्था को और सुदृढ़ करें। प्रत्येक विभाग अपने अधीन सभी लाइसेंस, अनुमतियों, निरीक्षण प्रक्रियाओं तथा रिपोर्टिंग आवश्यकताओं का परीक्षण कर अगले निर्धारित समय के भीतर सरलीकरण हेतु ठोस प्रस्ताव प्रस्तुत करे। विभाग यह सुनिश्चित करे कि एक ही सूचना विभिन्न स्तरों पर बार-बार मांगने की व्यवस्था समाप्त हो। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से उद्योगों और बाजारों पर अनावश्यक बोझ कम होगा तथा प्रतिस्पर्द्धा एवं दक्षता को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सुधारों से राज्य में कारोबार सुगमता, प्रशासनिक दक्षता तथा नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा और बिहार निवेश एवं औद्योगिक विकास के लिए एक अधिक आकर्षक राज्य के रूप में उभरेगा।
बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ० दिलीप जायसवाल, उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह, नगर विकास एवं आवास मंत्री श्री नीतीश मिश्रा, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ० रामचन्द्र प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव/ प्रधान सचिव / सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।




