:- रवि शंकर अमित!
बख्तियारपुर पुलिस और एसटीएफ के संयुक्त कार्रवाई में बख्तियारपुर में अवैध हथियारों के निर्माण की मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। यह बिहार पुलिस की अवैध हथियारों के गिरोह पर एक बड़ी कार्रवाई है। एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि बख्तियारपुर में टेकाबिगहा गांव के पास टाल में धोबा पुल के मुहाने के पास झाड़ियों में चार लोग अवैध हथियार का निर्माण कर रहे हैं। सूचना मिलते ही एसटीएफ टीम तुरंत अलर्ट हुई और स्थानीय पुलिस के साथ छापेमारी शुरू कर दी। एसटीएफ को देख झाड़ियों में छिपे चारों लोग भागने लगे, जिन्हें पुलिस ने खदेड़कर गिरफ्तार कर लिया। सभी हथियार तस्कर विजय प्रसाद, धनंजय कुमार, सकलदीप प्रसाद और मिथिलेश बिंद नालंदा जिले के ग्राम चिक्सौरा के रहनेवाले हैं। सकलदीप पर पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। मौके से तीन पीस बेस मशीन, दो निर्मित हथियार और तीन अर्धनिर्मित हथियार, एक खंडा भाती, जिसका इस्तेमाल हथियार बनाने में किया जाता है, तीन कारतूस का खोखा, एक हैंड ड्रिल मशीन के अलावा कई बटखरे भी बरामद किए गए हैं। गिरोह से पूछताछ में जानकारी मिली कि पांच लोगों ने मिलकर एक गैंग बनाया हुआ था। गैंग के काम करने का तरीका भी बड़ा शातिराना था।गिरोह डिमांड के अनुसार ही कट्टे का निर्माण करता था। गिरोह इतना शातिर था कि वह छापेमारी के डर से कहीं भी कट्टा का भंडारण नहीं करता था। गिरोह के मेंबर फोन पर हथियारों की सप्लाई का ऑर्डर लेते थे। डिमांड के अनुसार रोज चार से पांच कट्टा का निर्माण कर हथियारों को तुरंत सप्लाई कर दिया जाता था। गिरोह नालंदा, धनरूआ, बख्तियारपुर और पटना समेत आसपास के जिलों में सक्रिय था। गिरोह एक कट्टा के लिए दस से पंद्रह हजार रुपए लेता था। कट्टा की क्वालिटी, ग्राहक की हैसियत और लकड़ी और स्टील के बट के आधार पर कट्टों का रेट तय किया जाता था। कट्टा बनाने वाले मिस्त्री इलाके में फेमस नाम चिकसौरा के रहने वाले थे, गिरफ्तार में पिता पुत्र भी शामिल है।
पुलिस को अब इस अंतरराज्यीय हथियार सप्लायर गिरोह के सरगना की तलाश है। पुलिस गिरोह के सदस्यों से पूछताछ में इसके कई जिलों में चल रहे नेटवर्क और हथियार निर्माण के लिए रॉ मटेरियल की सप्लाई के बारे में भी जानने में जुटी है।
बाइट आशीष श्रीवास्तव, एसडीपीओ 2, बाढ़



