रिपोर्ट – अमित कुमार!
.रितु जायसवाल ने आज 26 मई 2026 को पटना के बीजेपी प्रदेश कार्यालय में बीजेपी का दामन थाम लिया।
एंकर/बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने उन्हें और उनके सैकड़ों समर्थकों को पार्टी की सदस्यता दिलाई और अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया। सदस्यता लेने के बाद मीडिया से बात करते हुए रितु जायसवाल ने कहा कि उनके लिए राष्ट्रहित से ऊपर कुछ नहीं है और बीजेपी ही राष्ट्रहित का ख्याल रखती है, इसी वजह से उन्होंने बीजेपी जॉइन की है।
इस मौके पर संजय सरावगी ने स्वागत करते हुए कहा कि रितु जायसवाल के आने से बीजेपी और मजबूत होगी और जिस दिन बीजेपी का दरवाजा पूरी तरह खुल गया, उस दिन आरजेडी के चौखट पर कोई नजर नहीं आएगा।
रितु जायसवाल पहले जेडीयू में थीं, फिर आरजेडी में गईं जहाँ उन्हें महिला प्रकोष्ठ का प्रदेश अध्यक्ष और प्रवक्ता बनाया गया। 2020 में परिहार से आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ीं लेकिन हार गईं। 2025 के विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय लड़ीं और 65 हजार से ज्यादा वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहीं, जबकि आरजेडी की उम्मीदवार तीसरे नंबर पर चली गई। इसके बाद आरजेडी ने उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया था।
सीतामढ़ी की सिंहवाहिनी पंचायत की मुखिया रहते हुए रितु जायसवाल ने शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तीकरण पर काफी काम किया था, जिस वजह से उन्हें ‘मुखिया दीदी’ कहा जाता है। वैश्य समाज से आने के कारण और उत्तर बिहार में उनकी पहचान को देखते हुए इसे आरजेडी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। बीजेपी के लिए यह ‘वैश्य प्रेम’ वाली रणनीति का हिस्सा भी है ताकि ओबीसी और वैश्य वोट बैंक को और मजबूत किया जा सके।




