रिपोर्ट – बिकास कुमार
सहरसा।
अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026 के अवसर पर सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से जन जागरूकता एवं सहभागिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता बचाने तथा हरित अभियान से जोड़कर प्रकृति के प्रति जागरूक करना था।
“वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य करना” थीम के तहत आयोजित कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों, स्थानीय ग्रामीणों एवं युवाओं ने मिलकर पौधारोपण किया। इस दौरान लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने, जल एवं जमीन की सुरक्षा करने तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की अपील की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने कहा कि तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण, जंगलों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के कारण पर्यावरण पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। यदि समय रहते जैव विविधता और वन्य जीवों की रक्षा नहीं की गई तो इसका दुष्प्रभाव मानव जीवन पर भी पड़ेगा।
वन विभाग के पदाधिकारियों ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि सांप, कछुआ, मगरमच्छ, गड़ियाल, पक्षी समेत अन्य वन्य जीव-जंतुओं को मारना या उनकी तस्करी करना कानूनन अपराध है। वन्य जीवों का संरक्षण जैव विविधता को सुरक्षित रखने के लिए बेहद आवश्यक है।
इस अवसर पर लोगों को प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने, जल संरक्षण करने तथा हरित वातावरण तैयार करने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में शामिल ग्रामीणों और युवाओं ने पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति बचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में DFO भरत चिंतापल्ली, वन विभाग के रेंजर वीरेन्द्र कुमार राय सहित विभाग के कई पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। नवहट्टा में आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।




