रिपोर्ट – संतोष तिवारी!
बंदरा के मतलुपुर स्थित बाबा खगेश्वर नाथ मंदिर को पर्यटन स्थल विकसित करने की डीएम ने की पहल: पर्यटन विभाग को प्रस्ताव भेजने की तैयारी
मेला प्राधिकार से भी मिली स्वीकृति
मुजफ्फरपुर
2 मई 2026
जिले के बंदरा प्रखंड अंतर्गत मतलुपुर पंचायत स्थित प्राचीन एवं आस्था के प्रमुख केंद्र बाबा खगेश्वर नाथ मंदिर को अब पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। इसी क्रम में जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा बाबा खगेश्वर नाथ के चरणों में शीश झुकाकर जिले की सुख-समृद्धि, शांति और समग्र विकास की कामना की।
भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने मंदिर की वर्तमान स्थिति, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, साफ-सफाई व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर प्रबंधन समिति के सचिव श्री वैद्यनाथ पांडेय से विस्तार से जानकारी प्राप्त की। बातचीत के दौरान यह सामने आया कि विशेषकर श्रावण मास में यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बाबा खगेश्वर नाथ मंदिर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए इसे पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की महत्वपूर्ण पहल की गई है तथा इसका प्रस्ताव पर्यटन विभाग को जल्द भेजा जाएगा। इसी दिशा में एक अहम उपलब्धि के रूप में बिहार राज्य मेला प्राधिकार से श्रावण मास में लगने वाले पारंपरिक मेले की स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है। यह स्वीकृति न केवल मेले के आयोजन को व्यवस्थित और आधिकारिक बनाएगी, बल्कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी वृद्धि करेगी।
अब अगले चरण में इस पूरे क्षेत्र को एक विकसित पर्यटन स्थल के रूप में उभारने के लिए प्रस्ताव पर्यटन विभाग को भेजा जा रहा है। प्रस्ताव में मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण, यात्री सुविधाओं के विस्तार, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, सुरक्षा तथा सड़क संपर्क को बेहतर बनाने जैसे बिंदुओं को शामिल किया गया है।
बिहार राज्य मेला प्राधिकार से श्रावण मेले को मिली स्वीकृति से कई सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे। सबसे पहले, मेले का आयोजन अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से किया जा सकेगा। प्रशासनिक निगरानी बढ़ने से भीड़ प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन व्यवस्था मजबूत होगी।
इसके अलावा, इस स्वीकृति से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मेले के दौरान छोटे दुकानदारों, हस्तशिल्प कारीगरों, खान-पान विक्रेताओं और परिवहन सेवाओं से जुड़े लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और ग्रामीण आजीविका को नया संबल प्राप्त होगा।
पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने के बाद इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास होगा। बेहतर सड़क, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुविधाओं के कारण न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा होगी, बल्कि बाहरी पर्यटकों का आकर्षण भी बढ़ेगा। इससे क्षेत्र की पहचान राज्य ही नहीं, बल्कि देश स्तर पर भी बनेगी।
साथ ही, सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय परंपराओं और विरासत का संरक्षण संभव हो सकेगा।




