सुपौल की विरासत: सौ वर्ष पुरानी पांडुलिपि की खोज, सुपौल में ज्ञान भारत मिशन को मिली बड़ी सफलता!

SHARE:

Report:- संतोष चौहान, सुपौल।

‘ज्ञान भारत मिशन’ के तहत चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान में सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड के जोल्हनियां गांव से एक अनमोल ऐतिहासिक धरोहर प्राप्त हुई है। यहाँ लगभग सौ वर्ष पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपि (ग्रंथ) की खोज की गई है।
खोज की यह उपलब्धि जोल्हनियां निवासी शंभू शरण चौधरी के विशेष प्रयास से संभव हुई है।


यह प्राचीन ग्रंथ डोमी मंडल (60 वर्ष) के घर से प्राप्त हुई है, जिन्होंने अपने दादाजी द्वारा लिखित इस धरोहर को पीढ़ियों से सुरक्षित रखा था।
डोमी मंडल का अपनी विरासत के प्रति यह जुड़ाव नई पीढ़ी के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है।
सुपौल जिले की अब तक की प्रगति:
जिला प्रशासन के सक्रिय प्रयासों से सुपौल अब प्राचीन ज्ञान के संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
जिले को कुल प्राप्त पांडुलिपियाँ: 103
डिजिटल अपलोड:86 पांडुलिपियों को पहले ही ‘ज्ञान भारतम्’ ऐप पर दुनिया के सामने लाया जा चुका है।
जिलाधिकारी की अपील: आप भी बनें इस मिशन का हिस्सा
सुपौल की समृद्ध और प्राचीन ज्ञान परंपरा को वैश्विक पटल पर स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन सभी नागरिकों को आमंत्रित करता है।
कैसे जुड़ें?

  1. अपने मोबाइल में ‘ज्ञान भारतम्’ (Gyan Bharatam)* ऐप इंस्टॉल करें।
  2. अधिक जानकारी या जानकारी साझा करने के लिए जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सुपौल से संपर्क करें:
  • संपर्क नंबर:  8092281780
    सम्मान: इस पुनीत कार्य में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
    जिला प्रशासन का आम जनता से अपील – आइए, अपनी जड़ों को सहेजें और सुपौल के गौरव को विश्व पटल पर चमकाएं।

Join us on: