रिपोर्ट – संतोष चौहान!
सुपौल :- जिले के राघोपुर ब्लॉक के सामने रोड ओवर ब्रिज के किनारे बनी सर्विस रोड एक बार फिर हल्की बारिश में ध्वस्त हो गई। महज ढाई माह के अंदर दूसरी बार सड़क के टूटने की घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। इससे पहले 22 मार्च को भी बारिश के कारण यह सड़क बह गई थी, जिसके बाद आनन-फानन में जेसीबी मशीन से मलबा डालकर अस्थायी मरम्मत कर दी गई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उस समय केवल खानापूर्ति की गई, जिसका नतीजा अब फिर सामने आ गई है।
बीते रविवार की रात हुई हल्की बारिश के बाद सोमवार दोपहर लोगों को सड़क के फिर से टूटने की जानकारी मिली। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जो राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरनाक साबित हो रही है। खासकर रात के समय अंधेरे में यह स्थिति और भयावह हो जाएगी, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ सकती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हाल ही में आम नागरिकों के लिए खोली गई इस सड़क का इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त हो जाना बेहद चिंताजनक है और यह साफ तौर पर निर्माण में लापरवाही को दर्शाता है। ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि निर्माण एजेंसी ने गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की है, जिसके चलते मामूली बारिश भी सड़क को नहीं झेल पाई।
विशेष रूप से रात में ट्रेन यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह स्थिति बड़ी चुनौती बन गई है। अंधेरे में सड़क पर बने गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे हादसे का खतरा लगातार बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि “अंधेर नगरी चौपट राजा” जैसी स्थिति बन गई है, जहां जवाबदेही तय नहीं हो रही।
इस मामले में जब एनएच-106 के कार्यपालक अभियंता सत्येंद्र पाठक से संपर्क साधा गया तो उन्होंने बताया कि निर्माण एजेंसी को क्षतिग्रस्त हिस्से की जल्द मरम्मत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण एजेंसी के साथ पांच साल का कांट्रैक्ट है, जिसके तहत रखरखाव की सारी जिम्मेदारी उसी की है।
हालांकि, स्थानीय लोग केवल मरम्मत से संतुष्ट नहीं हैं। वे जिला प्रशासन से पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



