:- रवि शंकर अमित/गोविंद कुमार
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मोकामा में विजयादशवीं के दिन रावण वध समारोह की हो रही तैयारियों के बीच आज रावण ने वध होने से पूर्व ही गिरकर जान दे दिया, वहीं कुंभकर्ण और मेघनाद देखते रह गये! दरअसल नगर के मारवाड़ी हाई स्कूल के मैदान में पुतले को खड़ा करने बाद अचानक रावण धरती पर धड़ाम से गिर पड़ा।मौके पर मौजूद आयोजन समिति के सदस्यों में भगदड़ मच गयी।संयोग से रावण के पुतले के गिरते ही जोरदार बारिश भी होने लगी।अचानक हुई बारिश से रावण,मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले पूरी तरह भींग गए हैं।गुरुवार को आयोजित रावण वध समारोह को लेकर अब संशय उत्पन्न हो गया है।मोकामा में पिछले पचास साल से इस समारोह का आयोजन होता रहा है।रावण के पुतले को गिरते देख भाई कुंभकर्ण और पुत्र मेघनाद आश्चर्य में डूब गए।इस समारोह की सफलता को लेकर सोमवार को पटना के ग्रामीण एसपी विक्रम सिहाग ने आयोजन स्थल का निरीक्षण भी किया था।लेकिन रावण की खुदकुशी के बाद मोकामा में अनहोनी की आशंका से लोगों में खौफ पैदा हा गया है।लोगों का मानना है कि आधुनिक रावण के हाथों असली रावण अब वध होना नहीं चाहता है।




