लुई ब्रेल की 216वीं जयंती पर समावेशी शिक्षा पर जोर, दिव्यांगजनों के अधिकारों पर चर्चा!

SHARE:

रिपोर्ट- अमित कुमार!


दृष्टिबाधितों के ब्रेल लिपि आविष्कारक की जयंती पर दिव्यांगजनों के लिए नई पहल


पटना से बड़ी खबर, जहां बेली इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड ट्रेनिंग द्वारा लुई ब्रेल की 216वीं जयंती के अवसर पर बिहार विधान परिषद के उपभवन सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समावेशी शिक्षा और दिव्यांगजनों के अधिकारों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में राज्य के कई गणमान्य अतिथि शामिल हुए।

कार्यक्रम के मुख्य बिंदु:

दिव्यांगजनों के लिए समावेशी शिक्षा की आवश्यकता पर जोर।

नेत्रहीन और मूक-बधिर विद्यालयों में सुधार और विस्तार की मांग।

दिव्यांगजनों के लिए पेंशन राशि बढ़ाने और विशेष मंत्रालय स्थापित करने की अपील।

मुख्य वक्तव्य:

मंत्री श्रवण कुमार (ग्रामीण विकास विभाग): “दिव्यांगजनों के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार हरसंभव प्रयास करेगी।”

डॉ. संजय पासवान (बिहार विधान परिषद): “दिव्यांगजनों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।”

विजय कुमार भाष्कर (संस्था के अध्यक्ष): “दिव्यांगजनों के लिए अलग मंत्रालय की स्थापना और विशेष योजनाओं की जरूरत है।”

प्रमुख घोषणाएं और मांगें:

  1. पटना के गांधी मैदान में लुई ब्रेल की प्रतिमा स्थापित करने की मांग।
  2. दिव्यांगजनों के लिए बिहार सरकार द्वारा अलग मंत्रालय की स्थापना।
  3. नेत्रहीन और मूक-बधिर विद्यालयों में प्रशिक्षित शिक्षकों की शीघ्र नियुक्ति।
  4. विकलांग पेंशन राशि ₹400 से बढ़ाकर ₹3000 करने की मांग।
  5. पटना में नेत्रहीन बालिकाओं के लिए विशेष विद्यालय की स्थापना।

समारोह का समापन:
कार्यक्रम के दौरान नेत्रहीन बालिकाओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। अतिथियों को अंगवस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। पटना प्लेटिनम राउंड टेबल 247 के सौजन्य से 200 कंबलों का वितरण भी किया गया।

विशेष:
कार्यशाला में दिव्यांगजनों के लिए ठोस नीतियों और योजनाओं पर चर्चा की गई। यह कार्यक्रम दिव्यांगजनों के अधिकारों और उनकी शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

आगे की राह:
कार्यक्रम में उठाए गए मुद्दों को लेकर सरकार से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। अधिक जानकारी के लिए देखते रहें।

Join us on:

Leave a Comment