मोकामा में रावण वध – क्या हम अपने अंदर के अहंकार-अवगुण रूपी रावण को जला सके?

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:- रवि शंकर अमित!

मोकामा में विजयदशमी के अवसर पर भव्य रावण वध समारोह का आयोजन!

-मोकामा में हर साल की भांति इस वर्ष भी भव्य रावण वध कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें 50 हजार से भी अधिक लोगों ने भाग लिया, श्री कृष्णा मारवाड़ी विद्यालय प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के तौर पर झारखंड हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डॉ. रवि रंजन और उद्घाटन करता के तौर पर दानापुर मंडल रेल प्रबंधक श्री जयंत कुमार चौधरी शामिल हुये!
रावण वध से पूर्व भव्य राम दरबार की झांकी निकाली गई जो पूरे शहर में घुमाया गया, जब भगवान श्री राम लक्ष्मण समेत पूरे नगर का भ्रमण कर श्री कृष्णा मारवाड़ी उच्च विद्यालय प्रांगण पहुंचे तो वहां पहले से तैयार रावण कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले को उन्होंने तीर से निशाना लगाया और फिर देखते ही देखते अहंकार असत्य व अवगुण रूपी रावण धू धू कर जल उठा और राख में तब्दील हो गया, वैसे भी रावण दहन का मुख्य मकसद यही होता है कि हम अपने अंदर के अहंकार असत्य, अधर्म और अवगुण रूपी रावण का अंत करें और यही विजयदशमी का संदेश भी है, रावण दहन हमें यह सिखाता है कि असत्य पर सदा सत्य की जीत होती है बुराई पर सदा अच्छाई की जीत होती है!
इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर विधान पार्षद व जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार, विधान पार्षद कार्तिकेय कुमार सिंह, मोकामा के पूर्व विधायक अनंत कुमार सिंह, पूर्व सांसद सूरजभान सिंह,
मोकामा नगर परिषद के सभापति निलेश कुमार माधव व उपसभापति नीतू देवी शामिल थे जबकी मंच संचालन प्रख्यात साहित्यकार डॉ सुधांशु शेखर कर रहे थे.
रावण दहन वैसे तो प्रतिवर्ष होता है लेकिन सबसे बड़ी बात यह है की उपस्थित 50 हजार से अधिक भीड़ में से कितने ऐसे लोग हैं जो यह सीख कर निकले कि हमें अपने अंदर के अहंकार, असत्य, अवगुण रूपी रावण को जलाकर भस्म कर देना है, और आज रावण दहन पर या रावण वध पर सबसे बड़ा यही सवाल भी है!

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